मिट्टी की सेहत सुधारने को ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू, किसानों को किया जा रहा जागरूक
बाढ़, पटना। मिट्टी की गिरती उर्वरता को सुधारने और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, बाढ़ की ओर से खेत बचाओ अभियान (रबी 2026) की शुरुआत 23 अक्टूबर को अगवानपुर गांव से की गई। अभियान के तहत पटना जिले के विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर और वैज्ञानिक-किसान संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को मिट्टी की सेहत बनाए रखने और रबी फसलों में संतुलित उर्वरक के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रीता सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेतों में यूरिया और डीएपी का अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता और संरचना को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों को मिट्टी की जांच कराने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने पराली नहीं जलाने, फसल अवशेषों को खेत में ही सड़ाकर जैविक खाद बनाने, हरी खाद एवं जैविक खाद के उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ. पुष्पम पटेल ने किसानों को मशरूम उत्पादन के माध्यम से फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन, जीरो टिलेज तकनीक से आलू की खेती तथा हैप्पी सीडर मशीन के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के महत्व से भी किसानों को अवगत कराया।
अभियान के संचालन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिकों की टीम गठित की गई है। इसमें वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रीता सिंह, मृदा विज्ञान वैज्ञानिक श्री राजीव कुमार, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. पुष्पम पटेल तथा वैज्ञानिक श्रीमती संगीता कुमारी शामिल हैं।
अभियान के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और फसल अवशेषों के सदुपयोग के प्रति जागरूक कर मिट्टी की सेहत सुधारने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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