शिक्षा विभाग की तानाशाही के कारण संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध
राज्य के अराजकीय प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मियों को लगभग पाँच माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ है, बिना वेतन के तमाम संस्कृत शिक्षक घनघोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बिहार राज्य संस्कृत प्राथमिक-सह- माध्यमिक शिक्षक संघ की पटना जिला इकाई के तरफ से कुमार गणेश दत्त ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के 531 संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों का वेतन-भुगतान स्थलीय जॉच के नाम पर लगभग पाँच माह से अवरूद्ध रखा गया है- जो न्यायोचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में सरकार द्वारा संस्कृत विद्यालयों का भौतिक जॉच कराया गया था। जॉच में सही पाए गए 531 संस्कृत विद्यालयों को ही सरकार द्वारा वेतनानुदान दिया जाता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा गलत मानदंड के आधार पर जॉच का आदेश दिया गया है। सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के पत्रांक 10/चि० 22-13/2026 /1217 दिनांक 01.06.2026 द्वारा जिला पदाधिकारी को निर्गत पत्र में विभागीय संकल्प सं0-793 दिनांक 18.06.1994 के अनुसार संस्कृत विद्यालयों के "जॉच का आदेश दिया गया। पुनः निदेशक (मा०शि०), शिक्षा विभाग, बिहार के प...