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तुलसी स्मृति समारोह 2026 का आयोजन, गोस्वामी तुलसीदास जी की 529वीं जयंती पर जुटे कई गणमान्य

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 तुलसी स्मृति समारोह 2026 का आयोजन बाढ़। गोस्वामी तुलसीदास जी की 529वीं जयंती के अवसर पर तुलसी स्मृति समारोह 2026 का आयोजन संभावना वाटिका में दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। समारोह में तुलसीदास जी के जीवन, साहित्यिक योगदान एवं उनकी रचनाओं के सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान मंच से वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास जी के साहित्य और रामचरितमानस के माध्यम से समाज को मिले संस्कार, भक्ति और नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। समारोह में प्रो.दुबे सर, शशिभूषण सर,जितेन्द्र चैतन्य, प्रधान जी,प्रदेशी भाई सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास जी की रचनाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। तुलसी स्मृति समारोह 2026 के माध्यम से तुलसीदास जी के साहित्य और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 25वीं बैठक

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 वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 25वीं बैठक बाढ़। कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना में 17 सितम्बर 2026 को विकसित रूफ टाॅप बागवानी का उदघाटन डाॅo आर. एन. सिंह (सह निदेशक प्रसार शिक्षा) बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर एवं विशिष्ट अतिथि प्रधान वैज्ञानिक डाo डीo बीo सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना में 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक डाॅo आर. एन. सिंह (सह निदेशक प्रसार शिक्षा) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डाॅ आर.एन. सिंह, सह-निदेशक, प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर विशिष्ट अतिथि प्रधान वैज्ञानिक डाo डीओ बीo सिंह एवं जिला कृषि पदाधिकारी, पटना डाॅ रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना एवं अन्य सम्मानित सदस्यों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया गया।  तकनीकी सत्र में डाॅo रीता सिंह (वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान) कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना ने विगत वर्ष में केन्द्र के द्वारा किये गये क्रिया कलापों एवं अगामी वर्शों किये जाने वाले कार्ययोजना को विस्तृत...

कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़ में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन

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कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़ पटना में आज दिनांक 10 सितंबर 2026 को डा0 रीता सिंह वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान के निर्देशन में राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत मशरुम उत्पादन द्वारा कुपोषण उन्मुलन विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्येश्य कम लागत में पोषक तत्वों से भरपुर मशरूम उत्पादन का बढ़ावा देना है। डाo सिंह, ने बतलाया कि दैनिक आहार में मशरूम को शामिल करने से आहार विविधता बढ़ेगी और आय का श्रोत भी बनेगा, साथ हीं उन्होंने संतुलित थाली, पोषण वाटिका और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए मशरूम के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उद्यान वैज्ञानिक, डाo पुष्पम पटेल ने बतलाया कि मशरूम प्रोटिन, विटामीन डी, आयरन एवं एन्टी आॅक्सीडेंट का उŸाम श्रोत है एवं ओएस्टर मशरूम को केवल 22-25 दिनों में अपने घरों में उगा सकते हैं। इस कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन के तकनीकी पहलुओं को डाo प्रकाश चन्द्र गुप्ता (मास्टर ट्रेनर, मशरूम) ने विस्तृत रूप से बतलाया। कार्यक्रम में कुल 28 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित हुए।

मशरूम उत्पादन विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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Samvad AapTak:कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना में मशरूम उत्पादन विषय पर ग्रामीण युवक/युवतियों के लिए पाँच दिवसीय कौशल प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उदघाटन डाo रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान एवं कार्यक्रम का मुख्य प्रशिक्षक श्री राजीव कुमार, वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान, डाo पुष्पम पटेल, वैज्ञानिक (उद्यान) एवं श्रीमती संगीता कुमारी, वैज्ञानिक (PBG)के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को खाने योग्य विभिन्न मशरूम का परिचय, उसे उगाने हेतु आधारभुत संरचना निर्माण, विभिन्न मशरूम को उगाने हेतु अनुकूल तापक्रम एवं आद्रता की स्थिति भूसे का निर्जीवीकरण, स्पाॅनींग आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। प्रायोगिक कक्षा में आज प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा आएस्टर मशरूम के लिए भूसे का शोधन, स्पाॅनींग एवं बैग तैयार किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 40 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं।

शिक्षा विभाग की तानाशाही के कारण संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध

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राज्य के अराजकीय प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मियों को लगभग पाँच माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ है, बिना वेतन के तमाम संस्कृत शिक्षक घनघोर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बिहार राज्य संस्कृत प्राथमिक-सह- माध्यमिक शिक्षक संघ की पटना जिला इकाई के तरफ से कुमार गणेश दत्त ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के 531 संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों का वेतन-भुगतान स्थलीय जॉच के नाम पर लगभग पाँच माह से अवरूद्ध रखा गया है- जो न्यायोचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में सरकार द्वारा संस्कृत विद्यालयों का भौतिक जॉच कराया गया था। जॉच में सही पाए गए 531 संस्कृत विद्यालयों को ही सरकार द्वारा वेतनानुदान दिया जाता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा गलत मानदंड के आधार पर जॉच का आदेश दिया गया है। सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार के पत्रांक 10/चि० 22-13/2026 /1217 दिनांक 01.06.2026 द्वारा जिला पदाधिकारी को निर्गत पत्र में विभागीय संकल्प सं0-793 दिनांक 18.06.1994 के अनुसार संस्कृत विद्यालयों के "जॉच का आदेश दिया गया। पुनः निदेशक (मा०शि०), शिक्षा विभाग, बिहार के प...

उपकारा बाढ़ में कैदियों को मिला मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण

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कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना के सौजन्य से बाढ़ उपकारा में बंद कैदियों के लिए पाँच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों को जेल से रिहाई उपरांत स्वरोजगार से जोड़ना है। इस अवसर पर श्री सत्येन्द्र कुमार, उपकारा अधीक्षक, श्री गौतम प्रसाद, प्राo उपकारा उपाधीक्षक, श्री मुकूंद कुमार, सचिव भारत विकास परिषद, डाo रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना एवं डाo पुष्पम पटेल, वैज्ञानिक (उद्यान) ने प्रशिक्षण का सफल संचालन किया।  इस अवसर पर डाo रीता सिंह ने बतलाया कि मशरूम कम जगह, कम लागत और कम समय में तैयार हो जाता है। उन्होंने बतलाया कि मशरूम शीघ्र तथा अधिक आय का श्रोत है इसलिए यह कैदियों के लिए स्वरोजगार का बेहतर श्रोत बन सकता है। प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए डाo पटेल ने विस्तृत रूप में मशरूम के वैज्ञानिक खेती पर चर्चा की। श्री सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कैदियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जूड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। श्री गौतम प्रसाद, श्री कृष्ण रजक, सुश्री फरहत प्रव...

राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का समापन

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Samvad AapTak:दिनांक 30.06.2026 को राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत पटना जिले के ग्राम-टिल्हार, प्रखंड-बेलछी से इस कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डाॅ रीता सिंह और मृदा विज्ञान के वैज्ञानिक श्री राजीव कुमार एवं गाँव के कृषकों ने भाग लिया। केन्द्र के प्रधान ने अपने संबोधन में उपस्थित कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा चलायी जा रही कृषकों के लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं प्रत्यक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को टिकाऊ खेती हेतु हरी खाद का प्रयोग, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग एवं फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। मृदा वैज्ञानिक ने अपने संबोधन में किसानों से अपील की, वे कृषि रासायनों के प्रयोग से पहले कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से उचित सलाह लेकर ही खेतों में उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने किसानों से मिट्टी जाँच कराने की भी सलाह दी ताकि मिट्टी की सेहत अच्छी बनी रहे तथा उससे प्राप्त उत्पाद उच्च गुणवत्तायुक्त एवं विष मुक्त प्राप्त हो जो मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के अनुकूल हो। उन्होंने किसानों को अपने खेत में हरी...