किसानों तक तकनीक की पहुंच पर गेट्स फाउंडेशन की नजर, कृषि विज्ञान केंद्र बाढ़ में हाईटेक खेती का लिया जायजा
बाढ़, पटना | 15 अक्टूबर 2026
बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जायजा लेने गुरुवार को अमेरिका के गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल कृषि विज्ञान केंद्र, बाढ़ पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विभाग, बिहार सरकार के अधिकारियों के साथ केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया और किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने के डिजिटल माध्यमों की कार्यप्रणाली को समझा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रधान डॉ. रीता सिंह ने केंद्र के कार्यादेश, संचालित गतिविधियों तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
इस दौरान बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, मृदा विज्ञान विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार, सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. एन. सिंह तथा अटारी, पटना के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अमरेन्द्र कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. अमरेन्द्र कुमार ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। विशेषज्ञों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि विभाग, बिहार सरकार की पहल पर कृषि क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की जानकारी दी।
किसानों तक पहुंचने वाले डिजिटल माध्यमों पर विशेष फोकस
गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने किसान सारथी, बिहार कृषि ऐप, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और सामुदायिक रेडियो स्टेशन सहित विभिन्न माध्यमों की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी जाना कि इन माध्यमों से किसानों तक सूचनाएं कैसे पहुंचाई जाती हैं, किसानों से संबंधित आंकड़ों का संग्रहण कहां होता है और भविष्य की कृषि योजनाओं को तैयार करने में इनका किस प्रकार उपयोग किया जाता है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बिहार कृषि ऐप के संचालन का लाइव डेमो भी देखा। इसके साथ ही सामुदायिक रेडियो स्टेशन, पोषण वाटिका, कृषि ज्ञान वाहन और मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से सीधा संवाद
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभवों और खेती से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। पूरे कार्यक्रम में कृषि सेवाओं को तकनीक से जोड़ने, किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने और उपलब्ध आंकड़ों के बेहतर इस्तेमाल पर विशेष जोर रहा।
इस भ्रमण को कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, सूचना के प्रसार और किसान-केंद्रित योजनाओं की कार्यप्रणाली को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


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