वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 25वीं बैठक
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 25वीं बैठक
बाढ़। कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना में 17 सितम्बर 2026 को विकसित रूफ टाॅप बागवानी का उदघाटन डाॅo आर. एन. सिंह (सह निदेशक प्रसार शिक्षा) बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर एवं विशिष्ट अतिथि प्रधान वैज्ञानिक डाo डीo बीo सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना में 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक डाॅo आर. एन. सिंह (सह निदेशक प्रसार शिक्षा) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डाॅ आर.एन. सिंह, सह-निदेशक, प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर विशिष्ट अतिथि प्रधान वैज्ञानिक डाo डीओ बीo सिंह एवं जिला कृषि पदाधिकारी, पटना डाॅ रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना एवं अन्य सम्मानित सदस्यों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
तकनीकी सत्र में डाॅo रीता सिंह (वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान) कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना ने विगत वर्ष में केन्द्र के द्वारा किये गये क्रिया कलापों एवं अगामी वर्शों किये जाने वाले कार्ययोजना को विस्तृत रूप से सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रसार शिक्षा निदेशक, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के द्वारा निदेश दिया गया कि वैज्ञानिकों का किसान के प्रक्षेत्र पर अध्कि से अधिक भ्रमण हो ताकि किसानों की समस्या का त्वरित निष्पादन हो सके। सह निदेशक प्रसार शिक्षा, बि.कृ.वि.,सबौर ने अपने सुझाव में सभी अंगीकृत गाँवों में मिट्टी जाँच जागरूकता कार्यक्रम एवं मिट्टी नमूना एकत्र करने की विधि का प्रत्यक्षण किसानों के बीच करने का निदेश दिया। अटारी जोन-IV के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ डी.बी. सिंह ने निदेश दिया कि केन्द्र की वार्षिक कार्ययोजना, अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण एवं ऑन फार्म ट्रायल तैयार करने में किसानों की सहभागिता सुनिश्चित हो ताकि जिले के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बन सके। जिला कृषि पदाधिकारी, पटना ने सुझाव दिया कि प्रखंड कृषि कार्यालय के कर्मी भी कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रमों में भाग लें एवं इनसे प्राप्त तकनीकी जानकारियों को किसानों के बीच प्रसार करें। । क्षेत्रिय निदेशक कृ.अनु.सं., पटना के प्रतिनिधि डाॅ नीकहत परवीन, ने सुझाव दिया कि र्रेिडयो प्रसारण कार्यक्रमों में मिट्टी जाँच के लाभ पर भी कार्यक्रम को समाहित किया जाय एवं मिट्टी नमूना लेने के तरीके का लघु फिल्म बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाय ताकि किसान उसे आसानी से समझ सके। किसान प्रतिनिधि श्री रामजीत शर्मा ने धान में लगने वाले विभिन्न रोग एवं इससे नुकसान की जानकारी दी। प्रगतिशील किसान श्री अमरजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि ससमय मिट्टी जाँच हो इसकी व्यवस्था जिला स्तर पर होने चाहिए। प्रगतिशील कृषक श्री विजय कुमार सिंह, ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को भारत सरकार द्वारा सहायता राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया साथ हीं प्राकृतिक खेती से उत्पादित उत्पाद के विपणन व्यवस्था बनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, आकाशवाणी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, बैंक प्रतिनिधि ने भी अपने अपने सुझाव व्यक्त किये। मंच संचालन डाॅ प्रकाश चंद्र गुप्ता, एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ पुष्पम पटेल ने किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में केन्द्र के सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मियों ने सक्रिय सहयोग दिया।


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