बाढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में मां दुर्गा की महाआरती के बाद सजी भक्ति संगीत की महफ़िल, भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु
बनारस के पंडितों की महाआरती से भक्तिमय हुआ माहौल, अंजलि भारद्वाज, पंकज पाण्डेय और मसूरी लाल यादव की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
बाढ़, पटना। मां दुर्गा की भक्ति, भजनों की गूंज और लोकगीतों की धुन पर थिरकते श्रद्धालु! बाढ़ रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा पूजा समिति के परिसर में शनिवार, 17 अक्टूबर को आयोजित महाआरती और माता के जागरण में ऐसा ही भक्तिमय नजारा देखने को मिला। बनारस से आए पंडितों द्वारा विधि-विधान से महाआरती की गई। इसके बाद शुरू हुए जागरण कार्यक्रम में मशहूर गायक-गायिकाओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया।
जागरण की शुरुआत प्रसिद्ध गायक पंकज पाण्डेय ने भगवान गणेश की वंदना से की। गणेश वंदना के साथ ही कार्यक्रम में भक्ति का माहौल बन गया। इसके बाद एक से बढ़कर एक देवी गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मसूरी लाल यादव के गीत पर झूम उठा परिसर
लोकप्रिय गायक मसूरी लाल यादव ने जैसे ही अपना चर्चित गीत “ना चाही लड्डू-पेड़ा ना मिश्री-मलाई..."लेले अइहा हो सैंया बाढ़ के लाई" सुनाया, परिसर में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। गीत की लोकप्रिय धुन और स्थानीय रंग ने कार्यक्रम में खास उत्साह भर दिया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ प्रस्तुति का आनंद लिया।
अंजलि भारद्वाज के देवी गीतों ने बांधा समां
वहीं, मसहूर गायिका अंजलि भारद्वाज ने अपने सुरीले अंदाज में बचपन के गाये गीत “लागी ला नी के लागी ला नी के लागी ला” गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। इसके बाद “निमिया के डार मैया लागेगा झुलुवा पर" जैसे लोकप्रिय देवी गीतों पर महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। देवी गीतों की मधुर धुन और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
महाआरती से जागरण तक छाई रही भक्ति की उमंग
बनारस के पंडितों की महाआरती और नामचीन कलाकारों की गायिकी ने आयोजन को विशेष बना दिया। धार्मिक आस्था और लोक संगीत के संगम ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। मां दुर्गा की आराधना के साथ शुरू हुआ यह कार्यक्रम भक्ति, उल्लास और संगीत की यादगार शाम बनकर सामने आया।
बाढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित इस जागरण ने एक बार फिर दिखाया कि देवी गीतों और लोक संगीत के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।


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