कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़ में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
कृषि विज्ञान केंद्र, बाढ़, पटना में 9-13 फरवरी 2026 तक 5 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रीता सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन एक लाभकारी व्यवसाय है जो किसानों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करता है। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के मशरूम के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें उत्पादन तकनीक, कीट और रोग प्रबंधन, और मूल्य संवर्धन शामिल हैं।
कार्यक्रम के प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और कौशल प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी आय बढ़ा सकें।
विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान) डॉ. पुष्पम पटेल ने मशरूम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों और प्रजातियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ढींगरी, दूधिया, बटन और पराली मशरूम की खेती के बारे में बताया तथा साथ ही औषधीय गुण, उत्पादन तकनीक, कीट रोग प्रबंधन, कंपोस्ट और स्पॉन निर्माण पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों एवं महिला किसानों को भी प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


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