विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यशाला का आयोजन
(दिनांक: 05/06/26) कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़, पटना द्वारा बाढ़ प्रखंड के राणा बिगहा गाँव विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के फलस्वरुप वर्ष 2026 में अत्यधिक तापमान का होना मनुष्य, जीव जन्तुओं के लिए कितना नुकसानदायक है विषय पर जानकारी दी गई विश्व पर्यावरण दिवस का विषय भूमि बहाली, मरूअस्थलीकरण और सूखा सहनसहीलता पर ध्यान केंद्रित करना है।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डाo रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने बतलाया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी जैसी समस्याओं पर ध्यान आकर्शित किया जाता हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरणीय चुनौती पर ध्यान केन्द्रित करता है। इस दिवस पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम आदि के माध्यम से हमें अधिक से अधिक अपने आस-पास के लोगों, गाँवों व कस्बों को जागरूक करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण और विकास का संतुलन को बनाए रखने पर जोर देते हैं। हमें यह प्रण लेना होगा कि हर दिन पर्यावरण के प्रति सचेत रहने और उसे बचाने के लिए जिममेदार नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए। हम अपने स्तर से छोटे-छोटे कदम उठाकर जैसे कम पानी और बिजली का इस्तेमाल करना, कचरे को कम करना और उसका पुनर्चक्रण करना, बृहद पैमाने पर पौधे लगाना, वाहनों का कम इस्तेमाल करना आदि पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने परिवार के प्रत्येक सदस्यों को अपने जीवन काल में कम से कम एक पौधा आवष्यक रूप से लगाने का अवाहण् किया। उन्होंने बतलाया कि पृथ्वी हमारा एक मात्र आवास है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे बचाना हमारा सामूहिक दायित्व है। उन्होंने बतलाया कि केन्द्र में आम के विभिन्न प्रजातियाँ - मालदा, आम्रपाली, जर्दालु एवं मल्लिका उपलब्ध है।
इस कार्यक्रम में लगभग 57 महिला कृषकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में केन्द्र के वैज्ञानिक श्री राजीव कुमार एवं डाo पुश्पम पटेल ने भी किसानों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया।


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